हिजाब विवाद का मुस्लिम कनेक्शन और पांच राज्यों के चुनाव!

Sufi Ki Kalam Se

हिजाब विवाद का मुस्लिम कनेक्शन और पांच राज्यों के चुनाव
देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन के चलते बड़ी बड़ी रैलियां नहीं हो रही है इसलिए ज्यादा विवादित बयान भी सामने नहीं आ रहे थे। विपक्ष के नेता मुख्य धारा के मीडिया की धज्जियां उड़ा रहे थे जिन पर ज्यादातर एक पक्ष की ख़बरों को दिखाने का आरोप होता है। जनता इतनी शांत है कि चुनावो का पूर्व अनुमान देना काफी पेचीदा हो गया था ।
चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी कि अचानक पांच राज्यों से दूर कर्नाटक राज्य में हिजाब का विवाद गहरा गया। विवाद का कारण जाना तो बड़ा आश्चर्य हुआ। कर्नाटक राज्य में एक कॉलेज के छात्रों ने मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहन कर आने पर आपत्ति जता दी और लड़कों ने भी भगवा ग़मछा डाल कर आना शुरू कर दिया। प्रारम्भ में तो विवाद छोटा ही था जिसकी सुनवाई कोर्ट में भी शुरू हो गई थी लेकिन तब ही कुछ लड़को ने लड़कियों के साथ बदतमीजी कर, उनका रास्ता रोक कर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
8 फरवरी के दिन कर्नाटक के मूड्या जिले के एक कॉलेज में अपना असाइनमेंट जमा कराने आई छात्रा को कुछ लड़कों ने घेरकर धार्मिक नारे लगाये, जवाबी कार्रवाई में छात्रा ने भी उनका सामना करते हुए धार्मिक नारे लगाये। इस घटनाक्रम का वीडियो पूरी दुनिया में काफी तेजी से वाइरल भी चुका है और दुनिया भर से वीडियो पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही है।
देश में ज्यादातर लोगों का मानना है कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए और क्या नहीं ये खुद तय करेगी। मुस्लिम महिलायें शुरू से ही बुर्के में रहती आई है लेकिन आज तक इस तरह के विवाद सामने नहीं आए हैं इसलिए कुछ लोगों का मानना है कि हिजाब विवाद के जरिए कुछ लोग पांच राज्यों के चुनावो में हिंदू मुसलमान वाली राजनीति करना चाह रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो हिजाब के विरोध में है, उनका कहना है कि मुस्लिम महिलाओ को ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए लेकिन उन्हें ये विरोध करने से पूर्व यह भी पता होना चाहिए कि स्कूल हो या कॉलेज, सब जगहों पर महिलाओ को उनकी इच्छा के अनुसार साड़ी, सलवार सूट, बुर्का या आधुनिक कपड़े पहनने की भी स्वतंत्रता कई वर्षो से है। ऐसे में अचानक इस बात पर इतना विवाद करना समझ से परे है।
11 फरवरी को कर्नाटक कोर्ट की टिप्पणी हास्यास्पद है जिसमें कहा गया है कि जब तक फैसला नहीं हो जाता है तब तक धार्मिक पहनावा ना पहना जाए। ऐसे में कोर्ट को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या हिजाब वाली महिलाये फैसला आने तक स्कूल कॉलेज नहीं जाएगी या फिर उन्हें बिना हिजाब के जाना पड़ेगा। अगर बिना हिजाब के ही जाना हुआ तो फिर ये छात्राएं , ये लड़ाई किस महिला अधिकार के लिए लड़ रही है और अगर फैसला आने तक वो घर पर ही रहती है है तो उनकी पढ़ाई के नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा?
आगे यह भी संभावना है कि अंतिम परिणाम हिजाब वाली महिलाओं के ही पक्ष में ही आए क्यूंकि देश का संविधान सभी धर्म के लोगों को अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार खाने पीने पहनने आदि की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
बहरहाल कोर्ट का निर्णय जो भी आए लेकिन हिजाब की आड़ में देश को बदनाम करने की जो साजिश की गई है उससे देश की छवि निश्चित ही प्रभावित हुई है। रही बात इस विवाद की तो आप लोग तय करे कि यह वास्तव में लड़कियों का हिजाब बहस का विषय है या फिर इस मुद्दे के बहाने देश में एक बार फिर से हिन्दू मुसलमान की राजनीति करने की साजिश की जा रही है। अगर हिजाब पर बहस की जरूरत होती भी है तो फिर देश के समस्त धर्मों की महिलाओं के पहनावे पर भी बहस होनी चाहिए क्यूंकि सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के पहनावे पर ही बहस हो तो वो लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से उचित नहीं होगा।

- नासिर (सूफ़ी)


Sufi Ki Kalam Se

7 thoughts on “हिजाब विवाद का मुस्लिम कनेक्शन और पांच राज्यों के चुनाव!

  1. Pingback: Hunter898
  2. Pingback: Mushrooms vape cart
  3. Pingback: Relex smile
  4. Pingback: ลูกค้า ibc-ibcthai สมัครสมาชิกใหม่ได้เลยที่ LSM99
  5. Pingback: อัตราจ่าย หวยดวงดี

Comments are closed.

error: Content is protected !!