कोटा में 5 दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ आज से (कोटा लिटरेचर फेस्टिवल 15 तक)

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पाँच दिवसीय पुस्तक मेला एवं कोटा लिटरेचर फेस्टीवल आज

कोटा | राजकीय सार्वजनिक पुस्तकालय में पांच दिवसीय पुस्तक मेला एवं कोटा साहित्यिक महोत्सव का आगाज आज दिनांक 12 फरवरी सी.ए.डी. दादाबाड़ी स्थित राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा में पंच दिवसीय संभाग स्तरीय पुस्तक मेले का आयोजन दिनांक 12 फरवरी 2024 सोमवार से 16 फरवरी शुक्रवार तक किया जा रहा है। पुस्तकालयध्यक्ष डॉ दीपक श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि ” जिसका शुभारंभ सत्र सुबह 11 बजे होगाहोगा जिसमें माँ सरस्वती के द्वीप का प्रज्ज्वलन मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया जायेगा। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि महेंद्र कुमार खींची ( निदेशक भाषा एवं पुस्तकालय विभाग राजस्थान, जयपुर), अध्यक्षता डॉ पूनम गुप्ता ( विशेषाधिकारी भाषा एवं पुस्तकालय विभाग राजस्थान, जयपुर), आयोजन में विशिष्ट अतिथि डॉ एम एल अग्रवाल वरिष्ठ मनोचिकित्सक, जितेन्द्र निर्मोही ख्यातनाम साहित्यकार, डॉ अतुल चतुर्वेदी ख्यातनाम साहित्यकार, बीज व्यक्तव्य अंबिका दत्त चतुर्वेदी वरिष्ठ साहित्यकार देगें। बीज व्यक्तव्य का विषय “विकसित भारत मे पुस्तक संस्कृति की अवधारणा” होगा | इस पुस्तक मेले मे 5000 पुस्तकों के प्रमुख टाईटल्स, 4000 से ज्यादा प्रकाशन हाउस की किताबे प्रमुख वेण्डर्स द्वारा लगाई जावेगी | साथ ही इस पुस्तक मेले में हाड़ौती अंचल के वरिष्ठ और अनुज साहित्यकारों की विशाल प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो युवा, महिला और वरिष्ठ पाठकों को आकर्षण का केंद्र रहेगी। स्वागत उद्बोधन संभागीय पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ दीपक श्रीवास्तव देंगे एवं संचालन स्नेहलता शर्मा करेंगी। कोटा साहित्यिक महोत्सव अंतर्गत प्रथम सत्र में डा विवेक मिश्र " पुस्तक, समाज और पुस्तकालय विषय पर अपने विचार रखेंगे। उसके पश्चात विषय" जितेन्द्र निर्मोही के गीतों का रचना कर्म" पर गीतकार जितेन्द्र निर्मोही से विजय जोशी साक्षात्कार लेंगे। इस सत्र में श्रोता रचनाकार से सवाल भी पूछेंगे। तीसरा सत्र मुरली गौड़ के राजस्थानी गीत का है जिसके संयोजक सुरेश पंडित होंगे। उसके बाद फिर खुली चर्चा का सत्र है राजस्थानी लेखिका श्यामा शर्मा की संस्मरण कृति" वै दन वै बातां" को केंद्र में रखकर विजय जोशी साक्षात्कार लेंगे।अगला सत्र वंदना शर्मा के लोकगीतों पर है। फिर विष्णु हरिहर के बाद गीतों की प्रस्तुति होगी। इसके बाद सुरेश पंडित के हास्य व्यंग्य गीत , एक शाम आपके नाम अंतर्गत शायर चांद शेरी की ग़ज़लें , फिर हरिचरण अहरवाल की समकालीन कविता अंतर्गत" बावली"संकलन की प्रस्तुति दी जाएगी। इस सत्र के साथ ही पहले दिन की प्रस्तुतियों पर विराम लग जाएगा। कार्यक्रम संयोजक शशि जैन ने अवगत कराया है कि इस आयोजन में साहित्यकार बंधुओं के साथ साथ समाज के प्रबुद्ध नागरिक अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें , ताकि पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा मिले। मिडिया प्रभारी नहुष व्यास ने बताया कि पांच दिवसीय यह आयोजन कोटा महानगर में साहित्यिक चेतना का माहौल बनाएगा।


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39 thoughts on “कोटा में 5 दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ आज से (कोटा लिटरेचर फेस्टिवल 15 तक)

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