भारतीय पुस्तकालय जगत के पितामाह पदम्श्री डॉ शियाली की 131 वीं जयंती मनाई

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भारतीय पुस्तकालय जगत के पितामाह पदम्श्री डॉ शियाली रामामृत रंगानाथन के 131 वें जयंती समारोह को राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा मे नेशनल लाइब्रेरियंस डे के रूप मे आयोजन किया गया। इस समारोह मे “नवीन तकनीकी युग मे पुस्तकालयो की प्रास्ङ्गिकता एवं चुनोतियों” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता डॉ प्रीतिमा व्यास, पुस्तकालयाध्यक्ष अकलंक कॉलेज ऑफ एज्यूकेशन, मुख्य अतिथि डॉ मनीषा मुदगल प्रोफेसर पुस्तकालय एवं सूचना विभाग ओ.पी.जे.एस.विश्वविधालय चुरू , विशिष्ट अतिथि डॉ प्रीति शर्मा एसोशिएट प्रोफेसर पुस्तकालय एवं सूचना विभाग केरियर पोईंट विश्वविधालय कोटा, की- नोट स्पीकर इसिका चिका नाईजीरीया, लीड पेपर प्रजेन्टर हुसैनी मूसा नाईजीरिया , कार्यक्रम के मोडरेटर डॉ प्रशांत भारद्वाज पुस्तकालयाध्यक्ष केंब्रिज स्कूल कोटा रहे |

इस अवसर पर डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव संभागीय पुस्तकालयाध्यक्ष राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा ने डॉ एस.आर. रंगानाथन के पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र मे योगदान को याद करते हुये कहा कि- “वह ऐसे पुस्तकालय विज्ञानी थे जो वर्ष के 365 दिन ही पुस्तकालय खोलते थे वह भी 12 घंटे रोजाना | उन्होंने 20 वर्ष के सेवाकाल मे एक भी अवकाश नही लिया | इतना ही नही जिस दिन उनका विवाह हुआ उस दिन भी वह अपनी सेवा देने पुस्तकालय पहुंचे | उनका यह समर्पण ही सदेव पुस्तकायाध्यक्षों के लिए स्मरणीय रहता हे |

डॉ प्रीतिमा ने कहा कि – नवीन तकनीकी युग मे पुस्तकालयों की प्रासङ्गीकता बढ़ी हे क्योंकि अब पठनीय सामग्री एक समय मे कई पाठक एक साथ पढ सकते हे | डॉ मनीषा ने कहा कि तकनीकी ने पुस्तकालयो को गति देने का काम किया हे आज एक क्लिक पर घर बैठे पुस्तक खोज सकते हे | इससे पाठको का समय बचता हे | डॉ प्रीति शर्मा ने कहा कि तकनीकी ने डॉ रंगानाथन द्वारा प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के पंच सूत्रों को गति प्रदान की हे | डॉ भारद्वाज ने कहा कि – आज भारतीय परिप्रेक्ष्य मे हाईब्रिड लाईब्रेरीज़ ज्यादा सफल हे |

इस अवसर पर राजा राममोहन रॉय पुस्तकालय प्रतिष्ठान कोलकाता द्वारा स्थानीय पुस्तकालय को उपलब्ध कारवाई गई चयनित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई | जिसमे बाल , महिला , नवशाक्षर एवं वरिष्ठ नागरिकों से संबंधी पुस्तकों को खास तबजजो दी गई हे | इस अवसर पर मनीष कुमार नेकेला पुस्तकालयाध्यक्ष राजकीय महात्मा गांधी राजकीय विधालय (अंग्रजी माध्यम) वोकेशनल, योगेंद्र सिंह तंवर पुस्तकालयाध्यक्ष ग्लोबल पब्लिक स्कूल, सुजाता पारीक पुस्तकालयाध्यक्ष सी.एफ.सी.एल., डबली कुमारी परामर्शदाता , मधूसुधन चौधरी शोधार्थी, कमलाकांत शर्मा सेवानिव्रत पुस्तकालयाध्ययक्ष, मुकेश गौर पुस्तकालयाध्यक्ष एक्सीलेंट विधि महाविधालय समेत पुस्तकालय प्रेमी मुकेश जाङ्गीड व्याख्याता , सुधीर मेहरा व्याख्याता, विकास दीक्षित व्याख्याता , सागर आजाद प्रमुख चेंप रीडर्स एसोशिएशन, बिगुल कुमार जैन इत्यादि ने अपने विचार व्यक्त किए | कार्यक्रम समन्वयक डॉ शशि जैन ने सभी आगंतुक महानुभावों का आभार व्यक्त किया | कार्यक्रम का प्रबंधन अजय सक्सेना एवं रोहित नामा ने किया |


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68 thoughts on “भारतीय पुस्तकालय जगत के पितामाह पदम्श्री डॉ शियाली की 131 वीं जयंती मनाई

  1. qiyezp.com
    Hongzhi 황제는 “당신이 Zhuge Kongming이라고 생각합니까? “라고 비웃었습니다.Hongzhi 황제는 “내가 당신을 처벌 한 지 얼마나 되었습니까? “라고 단호하게 말했습니다.

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