गेस्ट पॉएट मोहम्मद शहजाद, कोटा की ग़ज़ल ‘नूर ए माँ’

Sufi Ki Kalam Se

गेस्ट पॉएट मोहम्मद शहजाद कोटा की ग़ज़ल

गजल
नूर – ऐ – माँ

1. माँ अब तेरी मोहब्बत में खो जाता हु
तुझे रोता देख खुद रो जाता हूँ

2. नहीं फ़िक्र खुदा की ज़न्नत की कोई हमें
ज़न्नत की जब याद आती है माँ के कदमो में सो जाता हूँ

3. अब मुझे किसी की बद्दुआ असर ही नहीं करती
रोज़ माँ से दुआ लेकर जो जाता हूँ

4. ऐ माँ तू सब मोहब्बतों की माँ है
तेरे इसी आला दर्ज़े से में खुश हो जाता हूँ

5. मुझे किसी हाकिम की ज़रूरत नहीं ऐ माँ
तेरे सिर पे हाथ रखते ही में शहतयाब हो जाता हूँ।

6. इश्क़ ने तो तुझे रुलाकर छोड़ दिया ऐ मोहम्मद
अब जब भी वफ़ा का ज़िक्र होता है तो माँ की मोहब्बत में खो जाता हूँ।

गेस्ट पॉएट मोहम्मद शहजाद कोटा


Sufi Ki Kalam Se

8 thoughts on “गेस्ट पॉएट मोहम्मद शहजाद, कोटा की ग़ज़ल ‘नूर ए माँ’

  1. Pingback: bonanza178
  2. Pingback: More Bonuses
  3. Pingback: drug addiction
  4. Pingback: black mamba strain
  5. Pingback: website here
  6. Pingback: bonanza178 slot
  7. Pingback: Relex smile
  8. Pingback: inin

Comments are closed.

error: Content is protected !!