मैं इंसान नहीं पेड़ हूं.

Sufi Ki Kalam Se

मेरा घर उजाड़ कर रास्ता तो बना लिया है तुम लोगों ने
लेकिन फिर भी तुम लोगों से मेरा वादा है की जब तक मुझमे थोड़े से भी प्राण बाकी रहेंगे तब तक तुम्हारे ही काम आता रहूँगा क्यूंकि मैं इंसान नहीं पेड़ हूं।
@गणेशगंजइटावाकोटा_राजस्थान

savetrees #sufikikalamse


Sufi Ki Kalam Se

5 thoughts on “मैं इंसान नहीं पेड़ हूं.

  1. Pingback: Infy
  2. Pingback: water sounds

Comments are closed.

error: Content is protected !!