मंदिर से पानी पीने पर, मुस्लिम लड़के की पिटाई सामान्य घटना या साजिश?

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मंदिर से पानी पीने पर, मुस्लिम लड़के की पिटाई सामान्य घटना या साजिश?

योगी आदित्यनाथ के रामराज्य कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में एक मासूम लड़के की इतनी सी बात पर पिटाई कर दी गई कि उसने मन्दिर से चंद घूट पानी पीने का गुनाह कर दिया था। उस मासूम का दूसरा गुनाह उसका मुसलमान होना था, जिससे वहां के सेवादार को इतनी आपत्ति हुई कि उसने ना सिर्फ उस मासूम की पिटाई की बल्कि उस पर जानलेवा हमला कर उसका वीडियों बनाकर वाइरल भी किया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र के डासना नामक स्थान पर एक कबाड़ी लेने वाला नाबालिग आसिफ, प्यास लगने पर एक मन्दिर में पानी पीने चला गया। जैसे ही वो पानी पीकर रवाना होने लगा तो वहाँ के एक सेवादार श्रींगीनन्दन यादव द्वारा उसे रोककर उसका नाम पूछा गया। जब लड़के ने अपना नाम आसिफ और पिता का नाम हबीब बताया तो सेवादार ने अपने साथी को अपना फोन देकर वीडियों बनाने की कहा और फिर उस मासूम पर जानलेवा हमला कर दिया। बालक हमले में इतना घायल हुआ कि वो अपनी गाड़ी भी नहीं सम्भाल पाया और डर के मारे पैदल ही वहाँ से भाग कर कहीं छिप गया। वह बालक इतना डर गया कि अपने घर भी नहीं जा सका कि कहीं वो फिर से घर आकर इसकी पिटाई ना कर दे। घटना के बाद जब लड़के के घरवालों को पता चला तो उनकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत भी नहीं हो रही है क्योंकि वो गरीब और बेबस है और शायद उन्हें इस बात का एहसास भी है कि उनका कुछ भी नहीं बिगड़ सकता है।


विविधता में एकता रखने वाले देश, भारत में एक बार फिर से इस तरह की घटना को अगर सामान्य घटना माना जाए तो यह उस मासूम के साथ तो नाइंसाफी होगी ही साथ ही हमारे देश के साँस्कृतिक एकता के भविष्य के लिए भी खतरनाक होगी।
निसंदेह इंसान या किसी संस्था को अपनी प्रॉपर्टी में किसी को कुछ देना ना देना उनका अधिकार है मग़र किसी बच्चे को सिर्फ उसके मुसलमान होने के कारण, पानी के कुछ घूंट पीने पर इस तरह की हरक़त की जायेगी तो इसे सामान्य घटना नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश का हिस्सा कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
पिटाई करने वाल आरोपी श्रींगी नन्दन यादव कोई पागल या मंदबुद्धि नहीं है बल्कि एक इंजीनियर हैं जो बिहार के भागलपुर का रहने वाला है। उसने पहले लड़के का नाम पूछा और जैसे ही उसे यह पता चला कि लड़का मुसलमान है तो उसने उसके दूसरे आरोपी साथी शिवानंद सरस्वती से वीडियों बनाने को कहा और उस छोटे बच्चे पर गुप्तांग एंव अन्य जगहों पर ताबड़तोड़ हमले किए जिससे उसकी जान को अभी भी खतरा बना हुआ है।

आरोपी यही नहीं रुका बल्कि इस शर्मनाक हरक़त का वीडियों सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया जिससे उसकी संकीर्ण विचारधारा का सीधा सीधा अनुमान लगाया जा सकता है। आरोपी वीडियों मे स्पष्ट रूप से कह रहा हैं कि उसका चेहरा भी साफ दिखना चाहिए, इसका मतलब है कि उसे पुलिस या अन्य किसी भी व्यवस्था का खौफ नहीं है। घटना के बाद आरोपी ने अपने बयान में कहा है कि उसे इस घटना पर कोई पछतावा नहीं है बल्कि वह लड़का दुबारा आएगा तो ऐसे ही मारा जाएगा। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये किस तरह की नफरत फैलाने की साजिश हो सकती है।
पूर्व में भी इस तरह की कई घटनाएं घटित हो चुकी है और हो रही है जिसमें सामने वालों को सिर्फ इतनी सी बात पर मौत के घाट उतार दिया जाता है क्योंकि उसका धर्म इस्लाम है। हाल ही में राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक नौजवान शोएब को उसका नाम पूछकर बिजली के करंट दे देकर मार दिया गया। कुछ समय पहले राजस्थान के ही राजसमंद जिले में एक मजदूर अफराजुल को सिर्फ मुसलमान होने पर बेरहमी से काट पीट कर हत्या कर दी गई। झारखंड के तबरेज से लेकर ट्रेन में हाफ़िज़ जुनैद जैसी सेंकड़ों घटनाओं में लिचिंग कर निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है।

इनके अलावा भी देश में इस तरह की घटनाएँ इतनी हो चुकी है जिनका शिकार सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के लोग शामिल हैं लेकिन अफसोस इस बात का है जब लिंचिग का शिकार मुस्लिम होता है तो देश के मैन स्ट्रीम मीडिया को साँप सूंघ जाता है। मुसलमानों पर लिंचिग की घटनायें इतनी संख्या में हो चुकी है कि अब उन पर अब सिर्फ खबरें ही नहीं बल्कि पूरी किताब लिखी जा सकती है। जब महाराष्ट्र के पालघर मे साधुओं की लिचिंग कर हत्या कर दी गई थी तब देश के मैन स्ट्रीम मीडिया ने दिन रात उनके इन्साफ के लिए स्पेशल कवरेज दिए थे मगर उस घटना के अतिरिक्त या फिर जिसमें पीड़ित मुस्लिम समुदाय से रहे हो, उन घटनाओं से मीडिया ने हमेशा किनारा किया है। इसलिए मीडिया समुह पर भी साज़िश का संदेह पैदा होता है।


जंहा एक और दुनिया चांद पर पहुँच रही है, अपनी सैन्य शक्तियां और व्यापार बढ़ा रही है, वही हम वसुधैव कुटुंबकम का नारा देने वाले एक लड़के को पानी पीने पर मार पिटाई की खबरें लिख रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों के लोग इस घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं जिससे देश की छवि भी धूमिल हो रही है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्रात्मक देश में इस तरह की घटनाएँ इसलिए भी नहीं रुक रही है क्योंकि पूर्व की तरह ही ऐसे आरोपियों को कुछ दिन पश्चात बाइज्जत बरी कर दिया जाएगा और ये फिर से किसी मासूम को अपनी संकीर्ण सोच का शिकार बनाने के लिए तैयार खड़े होंगे।
नासिर शाह (सूफ़ी)


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