बसंत*

वीणा वादिनी, भाषा दायिनी
ज्ञान की पुंज ,स्वर दात्रि,
माघ शुक्ल पंचमी,
मां सरस्वती के जन्मोत्सव संग
बसंत उत्सव आया है,
मां सरस्वती का ,
आशीर्वाद लाया है
ऋतुराज बसंत आया है,
सभी ऋतुओं का सिरमौर ब़न फिर लहराया है,
ऋतुराज बसंत आया है,
पुष्पलता है ,धरा पर छाई,
नई कोंपले फिर उग आई,
मधुर हवाओं का स्वर गूंज रहा,
ऋतुराज बसंत फिर झूम रहा,
पतझड़ सावन आया है
अंत से अनंत की ओर घूम रहा,
ऋतुराज बसंत ने
फिर शोर मचाया है,
चारों ओर हरियाली संग
फूलों की छटा लाया है,
ऋतुराज बसंत आया है,
मखमली हवाओं संग ,
गर्मी का एहसास लाया है,
कोयल की कूंक संग ,
ऋतुराज बसंत आया है,
ऋतुराज बसंत आया है,
रश्मि नामदेव शारीरिक शिक्षिका एवं सेल्फ डिफेंस मास्टर ट्रेनर कोटा ,राजस्थान
