डॉ शकील का उपयोगी ब्लॉग – BP ( ब्लडप्रेशर) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

Sufi Ki Kalam Se

👉ग्रामीण इलाक़ों में आज भी मुन्नी से ज़्यादा गैस ही बदनाम है ????
👉डॉक्टर साहब ये BP की गोली ज़िंदगी भर ही खानी पड़ेगी क्या ????
अक्सर ये प्रश्न कई मरीज़ों के द्वारा पूछा जाता है !!
👉अरे अभी कल ही तो उन साहब को बात करते देखा था ,ये अचानक से उनका देहांत किस कारण से हो गया??
जब किसी की अचानक म्रत्यु होती है तब यही प्रश्न अधिकांश के दिमाग़ में आता है !!!!


जब अस्पताल में सामान्य परीक्षण के बाद या फिर घबराहट ,सर दर्द या ठंडे पसीने की शिकायत के बाद मरीजो को उच्च रक्तचाप/ब्लड प्रेशर/ हाई BP बड़ने की जानकारी दी जाती है और उनका उपचार शुरू किया जाता है तब ये शब्द मरीज़ों के द्वारा बोले जाते हैं की “डॉक्टर साहब ये BP की गोली ज़िंदगी भर खानी पड़ेगी क्या।”
अक्सर ये सवाल उन मरीज़ों के मुँह से निकलता है जिनकी लगभग आधी ज़िंदगी मुँह से तम्बाकू /जर्दा खाने में,बीड़ियों के ढेर पीने में और मार्केट में कई बार उबले तेल में फ़्राई किये हुए समोसे खाने में निकल चुकी है।
आज भी ग्रामीण इलाक़ों में ये अन्धविश्वास मोजूद है कि “ब्लड प्रेशर की गोली खाने से आदत बन जाती है “ !!!!
बस इसी अंधविश्वास के चलते अक्सर मरीज़ों द्वारा बीपी की दवाएँ कुछ समय बाद बिना डाक्टर की सलाह के बंद कर दी जाती है या फिर कुछ मरीज़ तो दवा शुरू ही नही करते क़ि “ कहीं bp की गोली की आदत ना बन जाए ॥
अक्सर इनमे से बहुत से मरीज़ों के साथ लम्बे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने के कारण हाई बीपी की कॉम्प्लिकेशन ( दुष्प्रभाव )अंदर ही अंदर बनती जाती है और अंत में उनके साथ ह्रदयघात ,लकवा और sudden death जैसी समस्या हो जाती है ।
तब दूसरी लाइन सुनने में मिलती है की अभी तो कल ही उनको देखा था ये कैसे हुवा ??
आज की पोस्ट का मुख्य उद्देश्य बस इसी उच्च रक्तचाप के निदान और नियमित उपचार की जानकारी देना ही है।
भारत में ग़ैर संचारित रोगों से पीढित रोगियों की संख्या अत्यधिक बढ़ती जा रही है और इन रोगों के नियत समय पर निदान और उपचार नही होने के कारण म्रत्यु दर भी बड़ रही है .
इसके लिए भारत सरकार द्वारा NCD कार्यक्रम भी शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु के मरीज़ों की BP और सुगर और अन्य ग़ैर संचारित रोगों की स्क्रीनिंग की जाती है।ताकि इन रोगों का समय पर निदान और उपचार किया जा सके।
अंत में यही संदेश देकर अपनी पोस्ट को विराम दे रहा हूँ की
1.अपने खान पीन पर नियंत्रण रखें
2.अत्यधिक तेल और घी के उत्पादों का सेवन नही करें
3.कम से कम प्रतिदिन 30 मिनट का व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधि ज़रूर करें
4.मास मदिरा का प्रयोग कम करें
5 ज़्यादा मीठा नही खायें
6.तनाव से बचे
7.अच्छी नींद लें
8.तम्बाकू बीड़ी सिगरेट का त्याग करें
9.और सीने में कुछ परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें
10.और सबसे महत्वपूर्ण संदेश …
हर बात के लिए “गैस “ को बदनाम ना करें क्योंकि ग्रामीण इलाक़ों में आज भी “मुन्नी”से ज़्यादा गैस ही बदनाम है।
क्योंकि हर दर्द का कारण गैस नहीं होती ,ये चिकित्सक की जाँच का विषय है कि सीने में दर्द गैस से हो रहा है या अन्य कारणों से ?
11.चिकित्सक की सलाह अनुसार ही उपचार ले और उपचार बंद करें।
अपनी इच्छा से BP और सुगर की दवाएँ बंद नही करें .
अगर पोस्ट आपको अच्छी लगी हो तो इसको share अवश्य करें ताकि समाज में स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी पहुँचे और हाँ अपने नज़दीकी लोगों तक मेरा संदेश ज़रूर पहुँचायें।
धन्यवाद🙏🙏
गेस्ट ब्लॉगर डॉक्टर शकील अहमद
वरिष्ट चिकित्सा अधिकारी
CHC मांगरोल


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